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सबसे अच्छी सेक्स, क्योंकि मेरे उठने से पहले ही विनोद ने एक दम मेरी तरफ झुकते हुए मेरे कान में फिर सेरगोशी की लगता है आप के शौहर पर शराब का नशा कुछ ज़्यादा ही चढ़ गया है सायरा भाभी, इसी लिए हमारी मौजूदगी में ही वो मेरी बीवी के साथ रंग रलियाँ मनाने में मसरूफ़ हो गया है. मुझे सिगरेट की तलब उठ रही थी पर बेडरूम में सिगरेट या शराब पीने की मुझे सख़्त मनाही थी. यूँ तो मेरे साथ रह रहकर वो भी थोड़ी बहुत पीने लगी थी पर जाने क्यूँ बेडरूम में सिगरेट या शराब ले जाना उसे बिल्कुल पसंद नही था.

अचानक वो रुक गया और मैने सवालिया नज़रो से उसकी तरफ देखा. उसकी नज़रे कुछ ढूंड रही थी. तभी उसकी नज़र एक बोरी पर गयी. उसने वो उठा ली और फर्स पर बिछा दी. मैं: नही यार मैं नही जा पाउन्गा…..तुम्हे तो पता है अब्बू और नाज़िया दोनो घर पर नही है….मैं नही जा सकता….

मैं ने सोचा हे भगवान अब कुच्छ गड़बड़ ना हो. आज मुझे चुद लेने देना. भगवान ने मेरी प्रार्थना सुन ली और राज ने अपने लंड पे प्रेशर बढ़ा दिया. मेरी चूत के होंठ इतने खुल चुके थे के उस का सुपरा आसानी से मेरी चूत के होठों मे समा गया. सबसे अच्छी सेक्स नाज़िया: नही वो नही बताएगी….मैने उसे गाओं जाने से पहले से मना कर दिया था…. कि इस बारे मे कोई बात नही करनी….

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  5. वो मेरे साथ चलाने लगा….जैसे ही हम ग्राउंड के पास पहुचे तो, बिल्लू ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे रोड पर हलवाई की दुकान पर ले गया….चल आ भतीजे तुझे समोशे खिलवाता हूँ… देखो जान मुझे तुम पर यक़ीन है लकिन थोड़ा डर भी लगता है कहीं कुच्छ ग़लत ना हो जाए हम से. तुम जो चाहो करो मैं मना नही करूँ गी लकिन ऐसा कुच्छ मत करना जिस से मेरी ज़िंदगी तबाह हो जाए और मैं किसी को मूँह दिखाने के लाइक ही ना रहूं.

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मेरे कान छ्चोड़ कर गालों पर आ गया. उनकी साँसे मेरे गाल पर टकरा रही थी और उनके होठ जो अब गीले हो चुके थे गाल पर किस कर रहे थे.

दुबई एरपोर्ट काफ़ी बड़ा और पर रोनक था...मैने पिंक कलर की शलवार - क़मीज़ पहनी थी... और दुबई एरपोर्ट पर सब से अलग देखाई दे रही थी... नहीं नहीं ऐसा मत करना नहीं तो मैं मर जाऊंगा लेकिन वह लोग बहुत ही गंदी बातें करते थे क्या तुम सुन पाओगी,,,।

सबसे अच्छी सेक्स,मैं अपने हाथो को और उपर सरकाते हुए पॅंटी की एलास्टिक तक पहुँच ही गया. हारीश...जल्दी करो ना.. अपनी उठती गिरती साँसों के बीच कराहती आवाज़ मे बोली. मैं ने दोनो तरफ से एलएस्टिक मे उंगलियाँ डाल कर पॅंटी को नीचे खिचना शुरू किया.

जैसे ही मेरा लंड नीलम की फुद्दि से बाहर आया….नीलम आगे की तरफ पेट के बल लेट गयी….साना ने बेड पर चढ़ कर फॉरन ही मेरे ढीले हो रहे लंड को मुट्ठी में लेकर दबाना शुरू कर दिया….ये क्या समीर….ये तो ढीला पड़ने लगा है…

नाज़िया मेरी बात सुन कर क़हक़हे से हँस पड़ी….और गद्दों के ऊपेर चढ़ कर मेरे पास आती हुई बोली…..ये तुम्हे मारने के लिए नही लाई हूँ…इससे गद्दों की धूल झाड़नी है…..हाहाहा….. नाज़िया लगातार हँसे जा रही थी….मम्मी और पापा की चुदाई

हल्लो दोस्तो कैसे हैं आप सब मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा एक बार फिर आपके लिए एक और नई कहानी लेकर हाजिर हूँ आशा करता हूँ पहली कहानियो की तरह ये कहानी भी आपको पसंद आएगी लेकिन इस तरह का शरीर में हो रहे बदलाव और कसमसाहट भरी मीठी चुभन पूनम को अच्छा लग रहा था।,,, पूनम समझ नहीं पा रही थी कि मनोज उससे कौन सी बात मनवाना चाहता है इसलिए फोन को अपने कान पर बराबर लगाकर उसकी बात सुनने की कोशिश करने लगी,,,,, तभी सामने से मनोज की आवाज आई,,,।)

इसको इसके किए की सज़ा तो देनी ही है…तभी वो लेडी जो उसके साथ बैठी थी वो सबीना से बोली….यार कोई चक्कर चला ना…मेरे बेटे ने इस साल 12थ कर ली है… और तुम तो जानती ही हो कि, हमारे पास इतने पैसे नही है कि, उसे मजीद पढ़ा सके…यार तुम्हारी तो ऊपेर तक बड़ी पहुँच है….मेरे बेटे को किसी गवर्नमेंट जॉब पर लगा दे…

अंकल से लिपटी पड़ी हुई थी .. और अंकल उनकी चुदाई कर रहे थे.. यह खुदा ये मैं क्या देख रही हूँ … अम्मी तो इनको अपना भाई कहती थी .. फिर ..ये सब क्या है.. मगर अब मुझे देखने मे मज़ा आ रहा था.. नजीब अंकल कस कस के धक्के मार रहे थे और अम्मी उच्छल उच्छल के उनके धक्के अपनी कमर और चूत पे रोक रही थी ..,सबसे अच्छी सेक्स तो विनोद के हाथ के दबाव और गर्मी से में ना चाहते हुए भी सिस्क उठी हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई.

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